शिक्षा मानव जीवन को समृद्धि प्रदान करने का एक शशक्त साधन है। यह एक निरन्तर चलने वाली प्रक्रिया है, जिसके माध्यम से एक बालक आगे चलकर समाज का एक कुशल नागरिक बनता है। शिक्षा का श्रीगणेश मानव के जन्म के पूर्व से ही हो जाता है, किन्तु समाज में विशिष्ट स्थान प्राप्त करने के लिए उच्च शिक्षा की आवश्यकता होती है। उच्च शिक्षा शिक्षार्थी में पूर्ण मानवीय गुणों एवं उदात्तता को परिपूर्ण करती है। यह व्यक्ति के शारीरिक, मानसिक, भावनात्मक, आध्यात्मिक व सामाजिक गुणों का विकास कर उसे उसके सांस्कृतिक विरासतों से जोड़ने का कार्य करती है। उच्च शिक्षा का उद्देश्य केवल व्यक्ति के बौद्धिक विकास तक ही सीमित न होकर उसमें अन्तर्निहित रचनात्मकता व मानवीयता को विकसित करना भी है। समाज में आज चारों ओर मूल्य हीनता, आदर्श शून्यता, साम्प्रदायिकता, क्षेत्रीयता की अधिकता हो गयी है, अतएव इस सभी बुराइयों से मुक्ति दिलाने में उच्च शिक्षा का महत्व और अधिक बढ़ गया है।......Read More