Founder's Message

Founder's Message

"ज्ञान की वह शक्ति है, जो व्यक्ति को उजाले की ओर ले जाती है, और समाज को प्रगति की दिशा में अग्रसर करती है।"

महाविद्यालय की स्थापना केवल एक शैक्षणिक संस्था खड़ी करने के उद्देश्य से नहीं की गई थी, बल्कि यह एक स्वप्न था - एक ऐसे केंद्र का निर्माण, जहाँ शिक्षा ज्ञान से आगे बढ़कर संस्कार, नेतृत्व और मूल्यों का समन्वय बन जाए।

आज जब हम विज्ञान, तकनीक और वैश्विक प्रतिस्पर्धा की ओर अग्रसर हो रहे है, तब यह आवश्यक हो गया है की हमारी नई पीढ़ी सुचना से नहीं, विवेक से युक्त हो; वह केवल कुशल नहीं, कर्तव्यनिष्ठ और नैतिक भी हो। हमारा महाविद्यालय इसी सोच के साथ एक ऐसी मंच प्रदान करता है जहाँ आधुनिक शिक्षा को भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों से जोड़ा जाता है।

यहाँ शिक्षण केवल पाठ्यक्रम तक सिमित नहीं है - यह एक जीवनदृष्टि है। अनुभवी शिक्षकों, अनुशासित वातावरण, आधुनिक संसाधनों और विद्यार्थियों की जिजीविषा ने मिलकर इस संस्थान को क्षेत्र ही नहीं, पुरे जनपद में एक उदहारण के रूप में स्थापित है।

मैं उन सभी छात्रों का अभिनन्दन करता हूँ, जो इस संस्थान से जुड़कर न केवल अपने भविष्य को सँवारना चाहते है, बल्कि समाज को भी कुछ लौटाने की भावना रखते है। शिक्षा केवल भविष्य नहीं बनाती - वह चरित्र गढ़ती है और जब चरित्र मजबूत हो, तो राष्ट्र स्वतः महान बनता है।

रविशंकर सिंह 'पप्पू'
प्रबन्धक